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Properties of green fenugreek and its ayurvedic treatment-हरी मेथी के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

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Properties of green fenugreek and its ayurvedic treatment

Introduction

Eating fenugreek greens keeps the body healthy. Fenugreek is a vegetable with healthy properties. Fenugreek syrup, stomach worms, cough, phlegm, air diseases and

Benefits in vomiting. The juice of raw fenugreek is bitter but very beneficial. Fenugreek in a small amount of pressure cooker

Boil and make soup in the same water and drink it. Due to the vitamin A and B in fenugreek juice, the weakness of eyes, skin and veins in it,

Has the ability to remove chronicity, dysfunction etc.

Treatment in various diseases

Jaundice: Fenugreek contains high iron content. It is beneficial for the patient suffering from jaundice.

Stomach worms: The bitter worms of fenugreek eliminate stomach worms.

Piles: Fenugreek is beneficial for the patient suffering from piles. If blood is coming, taking equal quantity of fenugreek juice with black grapes cures the patient.

Indigestion: Fenugreek vegetable cures indigestion disease.

Weakness: To remove weakness and lack of blood in women’s body after abortion, take fenugreek daily.

Fever: The patient should be fed fenugreek in case of fever.

 

हरी मेथी के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

 

परिचय:- 

मेथी का साग खाने से शरीर स्वस्थ रहता है। मेथी स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरी भाजी है। मेथी की भाजी पेट के कीड़े, खांसी, कफ, वायु रोग व

उल्टी में लाभ पहुंचाती है। कच्ची मेथी का रस कड़वा तो होता ही है मगर बहुत ही फायदेमंद होता है। मेथी को प्रेशर कुकर में थोड़ी मात्रा में

उबालकर उसी पानी में उसका सूप बनाकर पीएं। मेथी के रस में विटामिन ए´ व बी´ होने के कारण इसमें आंख, त्वचा व नसों की दुर्बलता,

जीर्णता, शिथिलता आदि को दूर करने की क्षमता होती है।

विभिन्न रोगों में उपचार

पीलिया: मेथी में लौह तत्व अधिक होता है। यह पीलिया से ग्रस्त रोगी के लिए फायदेमंद है।

पेट के कीड़े: मेथी के कड़वेपन से पेट के कीड़े खत्म होते हैं।

बवासीर: मेथी बवासीर से ग्रस्त रोगी के लिए फायदेमंद है। अगर रक्त आ रहा हो तो इसे काले अंगूर के साथ मेथी के रस में समान मात्रा में लेने से रोगी ठीक हो जाता है।

अपच: मेथी की सब्जी अपच के रोग को ठीक कर देती है।

कमजोरी: गर्भपात के बाद स्त्रियों के शरीर में हुई कमजोरी व खून की कमी को दूर करने के लिए मेथी का रोजाना सेवन करें।

बुखार: बुखार होने पर रोगी को मेथी खिलाना चाहिए।

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